मुहम्मद सल्ल0 वह अन्तिम संदेष्टा हैं जिनके आगमन की भविष्यवाणी उनके पूर्व प्रत्येक धार्मिक ग्रन्थों ने की है।
हम यहाँ संक्षिप्त में कुछ उदाहरण प्रस्तुत करने पर बस करेंगे।
महात्मा बुद्ध की भविष्यवाणीः महात्मा बुद्ध ने मरते समय अपने शिष्य नन्दा को कान में (मैत्रेय) के नाम से बुद्ध के आने की सूचना दी जिसका अर्थ (मुहम्मद) होता है।
नराशंस और मुहम्मदः वेदों में नराशंस के नाम से 31 स्थान पर और पुराणों में (कल्की अवतार) के नाम से मुहम्मद सल्ल0 का वर्णन मिलता है। नराशंस (नर) और (आशंस) दो शब्दों से मिल कर बना है, नर का अर्थ होता है (मनुष्य) और (आशंस) का अर्थ होता है (प्रशंसित) अर्थात ( मनुष्यों द्वारा प्रशंसित) और मुहम्मद का अर्थ भी (प्रशंसित मनुष्य) ही होता है। और आप पानी को हिन्दी में जल कहते हैं, अंग्रेज़ी में वाटर कहते हैं, फारसी में आब कहते हैं, और अरबी में माअ कहते हैं पर शब्द एक ही है वैसे ही मुहम्मद को संस्कृत में नराशंत कहा गया है।
मुहम्मद तथा अहमद का उल्लेखः भविष्य पुराण (323/5/8) में है (ऐक दूसरे देश में एक आचार्य अपने मित्रों के साथ आयेगा उनका मान महामद होगा वे रेगिस्तानी क्षेत्र में आएंगे)
और यजुर्वेद (18/31) में है (वेदामहेत पुरुष महान्तमादित्तयवर्ण तमसः प्रस्तावयनाय) वेद अहमद महान व्यक्ति हैं, सूर्य के समान अंधेरे को समाप्त करने वाले,उन्हीं को जान कर प्रलोक में सफल हुआ जा सकता है, उसके अतिरिक्त सफलता तक पहुंचने का कोई दूसरा मार्ग नहीं।)जन्म तिथि का उल्लेखः कल्कि पुराण (2/15) में अन्तिम संदेष्टा के जन्म तिथि का भी उल्लेख किया गया है (जिसके जन्म लेने से दुखी मानवता का कल्याण होगा, उसका जन्म मधुमास के शम्भल पक्ष और रबी फस्ल में चन्द्रमा की 12वीं तिथि को होगा) मुहम्मद सल्ल0 का जन्म भी 12 रबीउल अव्वल को हुआ। रबीउल अव्वल का अर्थ होता है (मधुमास के हर्षोल्लास का महीना)
जन्म भूमि तथा माता पिता का उल्लेखः
श्रीमद-भगवद महापुराण (12/2/18) में कल्की अवतार की जन्मभूमि शम्भल बताया गया है, शम्भल का शाब्दिक अर्थ है (शान्ति का स्थान) औ मक्का जहाँ मुहम्मद सल्ल0 पैदा हुए उसे अरबी में (दारुल अम्न) कहा जाता है, जिसका अर्थ (शान्ति का घर) है।
विष्णुयश कल्कि के पिता का नाम बताया गया है और मुहम्मद सल्ल0 के पिता का नाम अब्दुल्लाह था और जो अर्थ विष्णु का होता है वही अर्थ अब्दुल्लाह का भी होता है। विष्णु यानी अल्लाह और यश यानी बन्दा अर्थात अल्लाह का बन्दा (अब्दुल्लाह)
उसी प्राकार कल्की की माँ का नाम सुमति (सोमवती) आया है जिसका अर्थ होता है (शान्ति एवं मननशील स्वभाव वाली) और मुहम्मद सल्ल0 की माता का नाम भी (आमना) था जिसका अर्थ है (शान्ति वाली) ।
डा0 वेद प्रकाश उपाध्याय ने अपनी पुस्तक ( कल्की अवतार और मुहम्मद सल्ल0 ) में कल्की तथा मुहम्मद सल्ल0 की विशेषताओं का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए बताया है कि आज हिन्दु भाई जिस कल्की अवतार की प्रतीक्षा कर रहे हैं वह आ चुके और वही मुहम्मद सल्ल0 हैं।
हम यहाँ संक्षिप्त में कुछ उदाहरण प्रस्तुत करने पर बस करेंगे।
महात्मा बुद्ध की भविष्यवाणीः महात्मा बुद्ध ने मरते समय अपने शिष्य नन्दा को कान में (मैत्रेय) के नाम से बुद्ध के आने की सूचना दी जिसका अर्थ (मुहम्मद) होता है।
नराशंस और मुहम्मदः वेदों में नराशंस के नाम से 31 स्थान पर और पुराणों में (कल्की अवतार) के नाम से मुहम्मद सल्ल0 का वर्णन मिलता है। नराशंस (नर) और (आशंस) दो शब्दों से मिल कर बना है, नर का अर्थ होता है (मनुष्य) और (आशंस) का अर्थ होता है (प्रशंसित) अर्थात ( मनुष्यों द्वारा प्रशंसित) और मुहम्मद का अर्थ भी (प्रशंसित मनुष्य) ही होता है। और आप पानी को हिन्दी में जल कहते हैं, अंग्रेज़ी में वाटर कहते हैं, फारसी में आब कहते हैं, और अरबी में माअ कहते हैं पर शब्द एक ही है वैसे ही मुहम्मद को संस्कृत में नराशंत कहा गया है।
मुहम्मद तथा अहमद का उल्लेखः भविष्य पुराण (323/5/8) में है (ऐक दूसरे देश में एक आचार्य अपने मित्रों के साथ आयेगा उनका मान महामद होगा वे रेगिस्तानी क्षेत्र में आएंगे)
और यजुर्वेद (18/31) में है (वेदामहेत पुरुष महान्तमादित्तयवर्ण तमसः प्रस्तावयनाय) वेद अहमद महान व्यक्ति हैं, सूर्य के समान अंधेरे को समाप्त करने वाले,उन्हीं को जान कर प्रलोक में सफल हुआ जा सकता है, उसके अतिरिक्त सफलता तक पहुंचने का कोई दूसरा मार्ग नहीं।)जन्म तिथि का उल्लेखः कल्कि पुराण (2/15) में अन्तिम संदेष्टा के जन्म तिथि का भी उल्लेख किया गया है (जिसके जन्म लेने से दुखी मानवता का कल्याण होगा, उसका जन्म मधुमास के शम्भल पक्ष और रबी फस्ल में चन्द्रमा की 12वीं तिथि को होगा) मुहम्मद सल्ल0 का जन्म भी 12 रबीउल अव्वल को हुआ। रबीउल अव्वल का अर्थ होता है (मधुमास के हर्षोल्लास का महीना)
जन्म भूमि तथा माता पिता का उल्लेखः
श्रीमद-भगवद महापुराण (12/2/18) में कल्की अवतार की जन्मभूमि शम्भल बताया गया है, शम्भल का शाब्दिक अर्थ है (शान्ति का स्थान) औ मक्का जहाँ मुहम्मद सल्ल0 पैदा हुए उसे अरबी में (दारुल अम्न) कहा जाता है, जिसका अर्थ (शान्ति का घर) है।
विष्णुयश कल्कि के पिता का नाम बताया गया है और मुहम्मद सल्ल0 के पिता का नाम अब्दुल्लाह था और जो अर्थ विष्णु का होता है वही अर्थ अब्दुल्लाह का भी होता है। विष्णु यानी अल्लाह और यश यानी बन्दा अर्थात अल्लाह का बन्दा (अब्दुल्लाह)
उसी प्राकार कल्की की माँ का नाम सुमति (सोमवती) आया है जिसका अर्थ होता है (शान्ति एवं मननशील स्वभाव वाली) और मुहम्मद सल्ल0 की माता का नाम भी (आमना) था जिसका अर्थ है (शान्ति वाली) ।
डा0 वेद प्रकाश उपाध्याय ने अपनी पुस्तक ( कल्की अवतार और मुहम्मद सल्ल0 ) में कल्की तथा मुहम्मद सल्ल0 की विशेषताओं का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए बताया है कि आज हिन्दु भाई जिस कल्की अवतार की प्रतीक्षा कर रहे हैं वह आ चुके और वही मुहम्मद सल्ल0 हैं।