सोमवार, 26 जनवरी 2009

शुभ कामनाएं

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मेरे सभी पाठकों एवं ब्लॉगर मित्रों को शुभकामनाएं... और हार्दिक बधाई।

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इसके ये गुल्सेतां हमारा.............

छोड़ो कल की बातें

कल की बात पुरानी

हम हिन्दुस्तानी..................

3 टिप्‍पणियां:

आदर्श राठौर ने कहा…

आपको भी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
मित्र, सेटिंग्स में जाकर वर्ड वेरिफिकेशन हटा दें। इससे आसानी रहेगी पोस्ट करने में।

आदर्श राठौर ने कहा…

प्रिय मित्र आलम, आपको अपने धर्म का अच्छा ज्ञान है, प्रसन्नता की बात है। मैं आपको बता दूं कि हिन्दू धर्म में बिन्दिया को आप भले ही सुंदर लगने के लिए किया गया श्रृंगार कह दें, किन्तु सिंदूर श्रृंगार के लिए इस्तेमाल नहीं होता। पति की लम्बी उम्र के लिए लगाया जाता है सिन्दूर....। मेरी आपत्ति इस बात से है कि इन लोगों ने इस्लाम को महज इस बात के लिए सहारा बनाया ताकि एक बीवी रहते हुए दूसरी शादी की जा सके। ऐसे में इस्लाम को चुनना महज एक तरीका था। न तो इनकी इस्लाम में आस्था है और न ही हिन्दू धर्म की कद्र... ये लोग तो बस अपना मतलब निकालना जानते हैं।

hempandey ने कहा…

काफी समय बीत गया. अब अगली पोस्ट के प्रतीक्षा है.